मंगलवार, 21 दिसंबर 2021

ज़िंदगी का सफर

 "पा लेने की बेचैनी 

और खो देने का डर...

बस यही है,

ज़िंदगी का सफर..."

सच्चाई की ताकत....

 "आगे बढ़ने के लिए

बल लगाने की 

जरुरत नहीं होती है

बस

सच्चाई अपना लीजिये

कहीं न कहीं 

जगह मिल ही जाता है....”

        -इन्द्रमणि साहू

मतलब....

 "डर रहा हूँ 

इसका मतलब यह नहीं

कि

सर पर बैठ कर नाचो...”

काश....

 "काश!

पिक्चरों की तरह

जिन्दगी में भी  

क्लाईमेक्स भी होता....”

तुमसे भी और अपने आप से भी....

 "..... और 

बहुत मेहनत से

पाला है, संजोया है सब कुछ

बर्बाद मत करना

या होने भी मत देना...”

रोने से

 "रोने से

न सिर्फ 

दिल हल्का होता है

बल्कि

पूरा कष्ट भी चला जाता है...”

        -इन्द्रमणि साहू 

अंधभक्ति

 "श्रद्धा भी है

और भय भी

नियम-धर्म के अनुयायी भी हैं 

और कृष्ण के भक्त भी

निंबू-मिर्ची से जुड़े विश्वास

के सख्त खिलाफ हॅू

परंतु प्यार, विश्वास

इंतजार, त्याग, बलिदान.....

को लेकर अंधभक्ति का शिकार हॅू..."

                -इन्द्रमणि साहू 


किसी ओर से मुहब्बत करनी पड़ेगी....

"इंसान हॅू

इंसान ही रहने दो

मत बांधो मुझे धर्मा, संस्कारों की बेड़ियों में

परंपरा, संस्कृति, सिद्धांत, रीति-नीति

की वजह से ही

आज तक

यहीं अटका पड़ा हॅॅू

परंतु, अब नहीं,

मुझे अब किसी ओर से

मुहब्बत करनी पड़ेगी.

        -इन्द्रमणि साहू 

कीमती बात

 "सपने देखना और 

दिखाना 

अच्छी बात है

परंतु,

इसे हकीकत में बदलना

दूसरी और कीमती बात है..."

            -इन्द्रमणि साहू 

गुस्सा और प्यार

 गुस्सा 

या प्यार आने पर 

मुझसे 

काब्य ग्रन्थ की रचना हो जाती है 

और तुमसे \\

        -इन्द्रमणि साहू 

संभाल नहीं पायेंगे....

 

"मन में

यह बात

 कभी आया था

कि

संभाल नहीं पायेंगे

और

आज हुआ भी यही...”

        -इन्द्रमणि साहू