"जीवन के सफर में कई मुश्किलें आती हैं।
इन मुश्किलों का सामना हमें अपने मजबूत हौसलों से करना चाहिए, और यह हौसला सकारात्मक सोच, सामाजिक
भावना और आध्यात्मिक चेतना से मिलता है। सुख और दुःख जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं,
और यह चक्र निरंतर चलता रहता है। छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेने
या अवसाद में रहने से मुश्किलें कम नहीं होतीं।
इसलिए हमें छोटी-छोटी खुशियों में संतोष
और खुशी ढूंढनी चाहिए और सकारात्मक सोच वाले साथियों के साथ समय बिताना चाहिए।
जैसा कि हम सभी जानते हैं, जीवन कभी-कभी इम्तेहान लेता है, और हमें इसे विपरीत परिस्थितियों में भी आशान्वित रहकर पार
करना चाहिए। क्योंकि जीवन अनमोल है। आत्महत्या बहादुरी नहीं, बल्कि कायरता की निशानी है। जो आत्महत्या करते हैं, वे दुखद हैं, लेकिन इससे भी अधिक दुखद उनके प्रियजनों
और परिजनों की पीड़ा होती है, जो जीवन भर उस व्यक्ति को न बचा सकने का
अपराधबोध महसूस करते हैं। इसलिए आत्महत्या जैसे कदम से कभी भी बचना चाहिए, क्योंकि यह किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।"
- इन्द्रमणि साहू

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें