रविवार, 19 मई 2024

मगर अफ़सोस!

 सजा तो 

मुकर्रर कर दी 

मगर अफ़सोस!

कम से कम 

कोई गुनाह 

करने दिया होता....!

-इन्द्रमणि साहू 



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