शनिवार, 7 सितंबर 2013

मैं, मेरा गम और तुम्हारा प्यार

मैं, मेरा गम
और तुम्हारा प्यार
अक्सर सभाओं में
चर्चा का
केंद्र बिंदु बन जाता है
यह तुम्हारे लिए
सौभाग्य 
और मेरे लिए
एक उपलब्धि है
इस तकनीक युग में
कहीं छिपे रहने से
बेहतर है
फ्रंट पर आना
चाहे मैं रहूं या तू
या मेरा प्यार या
फिर तुम्हारा गम.
                                  -इन्द्रमणि साहू 


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